किशनगढ़ (पुराना शहर)। पूज्य सिंधी समाज पुराना शहर द्वारा झूलेलाल दरबार में नववर्ष के अवसर पर सिंधु संस्कृति को समर्पित विश्व सिंधु बहराणा दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सिंधी समाज की परंपरा अनुसार वरुण देवता एवं इष्टदेव साईं झूलेलाल की ज्योत प्रज्वलन, आराधना और स्तुति से की गई।आयोजकों ने बताया कि सिंधु संस्कृति को स्मरण करते हुए उसे संरक्षित रखने के उद्देश्य से विश्वभर में फैला सिंधी समाज 1 जनवरी को विश्व बहराणा दिवस के रूप में मानता आ रहा है। सिंधी समाज की भावी पीढ़ी को सिंधी भाषा, बोली, संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान मिले, इसी उद्देश्य से इस आयोजन की शुरुआत गत वर्ष से की गई। इस अवसर पर द्रोपदी वासवानी और देवीदास लालवानी के सहयोग से 25 बहराणा थाल तैयार किए गए।कार्यक्रम में डॉ. मोहन दास मेघानी द्वारा सिंधी भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात सामूहिक आरती की गई और बहराणा साहिब की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा छेज डांडिया नृत्य करते हुए सदर बाजार से होकर कृष्ण घाट गुंदोलव तालाब पहुंची, जहां ज्योत का विसर्जन किया गया। कार्यक्रम के पश्चात लगभग 150 लोगों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम में शहर पंचायत से गुलाब मीरचंदानी, कन्हैया लाल हासनानी, सुनील गोपलानी, हरीश भागनानी, चंदू भागनानी, किशू मोतियानी, किशोर शिवनानी, दिनेश लालवानी, विक्की मोतियानी, सिंधु सेवा समिति किशनगढ़ के डॉ. मोहन दास विष्णु मेघानी, गिरधारी अमरवानी, गिन्नी भाई रामनानी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।महिला मंडल की ओर से कौशल्या मीरचंदानी, शकुन्तला दयावानी, लता लालवानी, ऊमा मोतियानी, वंशिका दयावानी, कविता लालवानी, मीना साधवानी, कविता दयावानी, द्रोपती रामचंदानी, पुष्पा भागवानी, कोमल देवलानी, लता खुशलानी सहित महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में सचिव महेश साधवानी ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।