अजमेर, 22 दिसम्बर। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) को कमजोर किए जाने के आरोप लगाते हुए शहर व देहात जिला कांग्रेस ने सोमवार को अजमेर कलेक्ट्रेट पर संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे सुनियोजित तरीके से महात्मा गांधी के नाम को मिटाने और रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की भारतीय जनता पार्टी की साजिश बताया। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मनरेगा में ग्राम पंचायत ही मूल आधार थी, जहां तय होता था कि किसे और कहां काम चाहिए, लेकिन अब ऊपर से निर्देश आएंगे और मनमर्जी से पैसा बांटा जाएगा। उन्होंने इसे गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया और कहा कि केंद्र सरकार डबल इंजन की बात तो करती है, लेकिन गरीबों के लिए बने कानूनों को ही बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले काम मांगने पर रोजगार मिलता था, अब न केवल योजना का नाम बदला जा रहा है बल्कि उसकी मूल आत्मा भी खत्म कर दी गई है और राज्य पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि आज से अजमेर जिले में भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भाजपा शुरू से ही राजनीतिक स्वार्थ के लिए काम करती रही है। धरने में शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, विधायक एवं देहात अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी, आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़, डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, नाथूराम सिनोदिया, डॉ. रघु शर्मा, गोपाल बाहेती, हेमंत भाटी और लक्ष्मी बुंदेल मौजूद रहे।