कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे असहनीय रूप से दुखद बताया। थरूर ने X पर एक पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश में व्याप्त भीड़तंत्र के बीच यह अत्यंत दुखद घटना है और उन्होंने बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी निंदा की सराहना की। साथ ही उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों को लेकर सवाल उठाए। यह बयान उन्होंने एक कार्यकर्ता की पोस्ट के जवाब में दिया, जिसमें मुसलमानों द्वारा हिंदू युवक की हत्या की अमानवीय घटना का जिक्र था। इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार से बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू की हत्या के बाद हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेने का आग्रह किया था। बांग्लादेश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय ने अपने बयान में बताया कि 18 दिसंबर की रात करीब 9 बजे मयमनसिंह के भालुका में बदमाशों के एक समूह ने तथाकथित ईशनिंदा के आरोप में कपड़ा मजदूर दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी, इसके बाद शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा। परिषद ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और अनुकरणीय दंड की मांग की है। इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा