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मंगलवार को कई कांग्रेस नेताओं ने संसद में दिल्ली-एनसीआर में व्याप्त गंभीर वायु प्रदूषण पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में वायु प्रदूषण पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव रखा और राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का अनुरोध किया। अपने प्रस्ताव में मणिकम टैगोर ने दिल्ली के 24 घंटे के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 461 का हवाला दिया, जिसे गंभीर प्लस श्रेणी में रखा गया है और इसे इस मौसम का उच्चतम स्तर बताया गया।मणिकम टैगोर ने लोकसभा महासचिव को लिखे अपने प्रस्ताव में कहा कि वे लोकसभा के कार्य संचालन और प्रक्रिया नियमों के नियम 56 के तहत स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने पर विचार करने का अनुरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अत्यावश्यक जन महत्व के विषय से संबंधित है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न जन स्वास्थ्य आपातकाल शामिल है।कन्याकुमारी लोकसभा सांसद विजय कुमार उर्फ विजय वसंत ने भी संसद में वायु प्रदूषण के गंभीर संकट पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 461 तक पहुंच गया है, जिससे यह गंभीर से भी अधिक श्रेणी में आ गया है और हवा सांस लेने के लिए असुरक्षित हो गई है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में लिखा कि यह क्षेत्र जन स्वास्थ्य आपातकाल का सामना कर रहा है, जहां बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग प्रभावित हो रहे हैं तथा अस्पतालों में श्वसन संबंधी मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निष्कर्षों का हवाला देते हुए विजय वसंत ने इस संकट के लिए प्राकृतिक कारणों के बजाय प्रशासनिक विफलता और धूल, कचरा तथा खुले में जलाने पर नियंत्रण उपायों के खराब कार्यान्वयन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए सदन से इस मुद्दे पर तत्काल विचार करने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग की।
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