logo

एमजीएनआरईजीए के स्थान पर नया ग्रामीण रोजगार विधेयक, 125 दिन की वैधानिक गारंटी का प्रावधान

Manohar lal Chopra - Aagaj Ki Aawaj
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) को निरस्त करने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। एमजीएनआरईजीए ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिनों के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है। इसके स्थान पर सरकार विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) नामक नया कानून लाने जा रही है, जिसमें कार्यदिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 करने का प्रावधान किया गया है।सरकार ने सोमवार को लोकसभा सदस्यों के बीच उस विधेयक को प्रसारित किया, जिसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है। विधेयक की प्रति के अनुसार, संसद में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (ग्रामीण विकास मिशन) विधेयक, 2025 प्रस्तुत करने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 को निरस्त करने का प्रस्ताव शामिल है। विधेयक का उद्देश्य विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है, जिसके तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में उन सभी ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं। इसके माध्यम से एक समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
15-December-2025 || Aagaj Ki Aawaj
https://aagajkiaawaj.com/news/detail/11361