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भक्तामर महामंडल विधान में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 1500 से अधिक भक्तों ने किया विधान पूजन

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
मदनगंज-किशनगढ़। 14 दिसम्बर। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में एवं श्रुतसंवेगी महाश्रमण मुनि आदित्यसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में रविवार को जयपुर रोड स्थित आरके कम्युनिटी सेंटर में सर्वोदय सर्व विघ्नहरण भक्तामर महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया गया। विधान में 11 मुख्य पात्रों के परिजनों सहित लगभग 1500 भक्तों ने पूजा-अर्चना कर 48 काव्यों पर 48 अर्घ अर्पित किए।पंचायत अध्यक्ष विनोद पाटनी ने बताया कि विधान की शुरुआत श्रावक श्रेष्ठी द्वारा ध्वजारोहण से हुई। इसके पश्चात मुख्य कलश की विधान मंडल पर स्थापना की गई तथा अखंड दीप प्रज्वलित किया गया।प्रचार मंत्री गौरव पाटनी ने बताया कि मुनि अप्रतीम सागर महाराज के मंत्रोच्चारण के साथ संगीतकार मनीष भोपाल की संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच विधानाचार्य अभिषेक जैन शास्त्री के निर्देशन में अर्घ समर्पित किए गए। विधान के अंत में मुनि आदित्यसागर महाराज ने भक्तामर विधान की महिमा बताते हुए सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।विधान के पश्चात सायं 6 बजे से श्रुत समाधान कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहीं 6:45 बजे मुनि आदित्यसागर महाराज की संगीतमय आरती संपन्न हुई।साहस, दृढ़ता और लगन ही जीवन का सार: आदित्यसागर महाराजश्रुतसंवेगी महाश्रमण मुनि आदित्यसागर महाराज ने रविवार प्रातः आरके कम्युनिटी सेंटर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि साहस, दृढ़ता और लगन तीन ऐसे मुख्य गुण हैं जो जीवन में मानव को सही अर्थों में जीव बनाए रखते हैं। ये तीनों गुण आपस में जुड़े हुए हैं और सफलता की नींव हैं। साहस शुरुआत की प्रेरणा देता है, लगन लक्ष्य पथ पर बनाए रखती है और दृढ़ता अंत तक हार न मानने की शक्ति देती है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में योग्यता होती है, आवश्यकता है उसे जागृत करने की। यदि व्यक्ति ठान ले कि जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसे प्राप्त करके ही रहेगा, तो कोई भी कठिन परिस्थिति बाधा नहीं बन सकती। इससे पूर्व सभा में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

14-December-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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