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प्रज्वल रेवन्ना की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज, ट्रायल ट्रांसफर से इनकार

Editor - Omprakash Najwani - Mera Samaj Merabharat
सुप्रीम कोर्ट ने हसन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लंबित तीन अन्य बलात्कार मामलों की सुनवाई किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी। जेडीएस से निष्कासित प्रज्वल रेवन्ना को उनके खिलाफ दर्ज चार बलात्कार मामलों में से एक में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और घरेलू सहायिका के साथ बलात्कार के मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में दलील दी थी कि शेष मामलों की सुनवाई उस अदालत के अलावा किसी अन्य अदालत में हो, जिसने उन्हें दोषी ठहराया है।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि पहले मामले में दोषसिद्धि करने वाले न्यायाधीश शेष मामलों की सुनवाई के दौरान उस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे। पीठ ने स्पष्ट किया कि निचली अदालतें लंबित मामलों में केवल प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लेंगी और पिछली सुनवाई के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई पूर्व निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी प्रज्वल रेवन्ना की आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति के.एस. मुदागल और न्यायमूर्ति वेंकटेश नाइक टी की खंडपीठ ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार किया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि रेवन्ना के खिलाफ कई मामले लंबित हैं, जिससे गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया था कि आरोपी के व्यापक प्रभाव के कारण पहले भी उसकी जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है और इसी प्रभाव के चलते पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई थी

13-December-2025 || Mera Samaj Merabharat
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