केरल में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना शुरू होने के बाद शुरुआती रुझानों में तीन प्रमुख गठबंधनों—एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए—के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। ये चुनाव 9 और 11 दिसंबर को संपन्न हुए थे। राज्य में 604 स्थानीय निकायों के 12,931 वार्डों में प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए मतदान हुआ। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन, तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर, श्यामा मोहम्मद और निलंबित विधायक राम ममकूथली सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।पहले चरण में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों के 595 स्थानीय निकायों के 11,167 वार्डों में कुल 36,620 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, केरल में 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कुल 2,86,62,712 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,35,16,923 पुरुष, 1,51,45,500 महिलाएं और 289 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं, जबकि अनिवासी मतदाता सूची में 3,745 मतदाता दर्ज हैं।
कुल मिलाकर 941 ग्राम पंचायतों के 17,337 वार्ड, 87 नगरपालिकाओं के 3,240 वार्ड और तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोच्चि, त्रिशूर, कोझिकोड और कन्नूर सहित छह नगर निगमों के 421 वार्डों में चुनाव हुए हैं। प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों का मिश्रण शामिल है। शुरुआती रुझानों के आधार पर तीनों प्रमुख गठबंधनों की समग्र स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।