लोकसभा में चुनाव सुधारों पर जारी बहस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भारतीय चुनाव आयोग के कामकाज को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की "लूट" हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लाखों वोटों की गिनती से जुड़े गंभीर प्रश्न उठाए हैं और पूरा देश चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चिंतित है। बघेल ने पूछा कि फर्जी वोट आखिर कहां से आ रहे हैं और यह भी आरोप लगाया कि कई उदाहरण चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित होने की ओर संकेत करते हैं।उधर, समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास में गड़बड़ी के असली दोषी जिला स्तर पर मौजूद प्रशासनिक लोग हैं, जो एक राजनीतिक दल की तरह काम करते हैं। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनाव आयोग को दोष नहीं दिया जा सकता, लेकिन शिकायतों पर कार्रवाई आवश्यक है। यादव ने बताया कि कलेक्टर और चुनाव आयोग एसआईआर कराने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन यदि लखनऊ में बैठे अधिकारी वोट काटने के निर्देश दें, तो आयोग के आदेश भी बेअसर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यही वर्ग वोटों के हेरफेर के लिए जिम्मेदार है।
इस बीच, संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा जारी रही। चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने की, जिसके बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलकर चुनाव में धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया।