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लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर Modi का संबोधन: स्वदेशी आंदोलन और बंगाल की एकता पर बोले

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर Modi ने कहा कि बंगाल का विभाजन भले हुआ हो, लेकिन इससे बहुत बड़ा स्वदेशी आंदोलन खड़ा हुआ और उस दौर में वंदे मातरम् की गूंज हर जगह सुनाई देती थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेज समझ चुके थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू का यह भाव सूत्र उन्हें हिलाने की क्षमता रखता है। इस गीत की शक्ति इतनी प्रबल थी कि अंग्रेजों को इस पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा। केवल गाने और छापने पर ही नहीं, बल्कि वंदे मातरम् शब्द बोलने पर भी सजा देने जैसे कठोर कानून लागू किए गए थे।Modi ने कहा कि अंग्रेजों ने "बांटो और राज करो" की नीति अपनाते हुए बंगाल को अपनी प्रयोगशाला बनाया, क्योंकि वे जानते थे कि बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य देश को दिशा, ताकत और प्रेरणा देता है। इसी कारण अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल को तोड़ने की साजिश रची। उनका मानना था कि यदि बंगाल टूट गया तो देश भी टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन कर बड़ा पाप किया, लेकिन उसी समय वंदे मातरम् चट्टान की तरह एकता का प्रतीक बनकर खड़ा रहा। बंगाल की अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता के लिए वंदे मातरम् गली-गली का नाद बन गया था और यही नारा उस आंदोलन की प्रेरणा शक्ति बना।
08-December-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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