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नई दिल्ली। सरकार के साइबर सुरक्षा ऐप ‘संचार साथी’ को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच मंगलवार को इसके डाउनलोड में अप्रत्याशित 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई। दूरसंचार विभाग के अनुसार, जहां पहले इसका औसत दैनिक डाउनलोड लगभग 60,000 था, वहीं मंगलवार को यह संख्या बढ़कर करीब छह लाख तक पहुंच गई। विभाग के सूत्रों ने बताया कि आदेश जारी होने से पहले ही 1.5 करोड़ लोग ऐप डाउनलोड कर चुके थे।ऐप को अनिवार्य रूप से नए मोबाइल फोन में प्री-इंस्टॉल करने के निर्देश के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर नागरिकों की ‘जासूसी’ करने की कोशिश का आरोप लगाया और इस कदम को ‘डिस्टोपियन’ बताया। हालांकि, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि ‘संचार साथी’ को इंस्टॉल रखना अनिवार्य नहीं है और उपयोगकर्ता चाहें तो इसे हटा सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने भी कहा कि अनिवार्यता केवल फोन विनिर्माताओं के लिए है, उपयोगकर्ताओं के लिए नहीं।दूरसंचार विभाग के 28 नवंबर के आदेश के अनुसार, 90 दिनों बाद भारत में निर्मित या आयातित सभी मोबाइल फोन में यह ऐप प्री-इंस्टॉल होगा, जबकि मौजूदा फोन पर इसे सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। सभी कंपनियों को 120 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा गया है। विभाग के सूत्रों ने जोर देकर कहा कि ऐप न तो माइक्रोफोन, न लोकेशन, न ब्लूटूथ और न ही ऑपरेटिंग सिस्टम तक पहुंच रखता है। ऐप केवल सीमित डेटा एक्सेस करता है और नागरिक धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग करते समय हर स्तर पर अलग-अलग अनुमति देते हैं।
विवाद और आलोचनाओं के बावजूद डाउनलोड में आई अचानक वृद्धि को विभाग जनता से मिले सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।
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