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निलंबित विधायक राहुल ममकूटाथिल पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप, पहली पीड़िता की शिकायत दर्ज; शिवनकुट्टी ने कांग्रेस पर बचाव का आरोप लगाया

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के नए आरोप सामने आने के बाद पहली पीड़िता की शिकायत दर्ज हो गई है, जिसमें शादी का झांसा देकर बलात्कार और जबरन गर्भपात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व अब भी राहुल ममकूटाथिल का समर्थन कर रहा है, जो केरल की जनता और महिलाओं के लिए एक गहरी चुनौती है।पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल को अगस्त में पार्टी से निलंबित किया गया था। शिवनकुट्टी ने कहा कि एक युवती ने सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष बेहद गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। युवती और राहुल ममकूटाथिल के बीच हुई कथित बातचीत के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि जिस स्तर के दुर्व्यवहार का वर्णन किया गया है, वह चौंकाने वाला है और जनता ने ऐसा शायद पहले कभी नहीं सुना होगा।शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व—चाहे शफी परम्बिल हों या केपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष के. सुधाकरन—सार्वजनिक रूप से राहुल ममकूटाथिल का समर्थन करने से नहीं हिचक रहे। उन्होंने कहा कि यह रवैया महिलाओं और राज्य की जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।मंत्री ने कहा कि सरकार को शिकायत मिल चुकी है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक आने के साथ यह मुद्दा कांग्रेस की कार्यशैली और जनता के प्रति उसके रवैये पर व्यापक बहस को जन्म देगा।पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ यौन उत्पीड़न, शादी का झांसा देकर बलात्कार और जबरन गर्भपात कराने का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक एफआईआर नेदुमनगड वलियामाला पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में नेमोम पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित घटनाएँ उसी क्षेत्राधिकार में हुई थीं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की आठ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिनमें बलात्कार की धारा 64, एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार की धारा 64(2), विश्वासपात्र व्यक्ति द्वारा बलात्कार की धारा 64(एफ), गर्भवती महिला के साथ बलात्कार की धारा 64(एच) और बार-बार बलात्कार की धारा 64(एम) शामिल हैं। इसके अलावा, महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने के लिए धारा 89, आपराधिक विश्वासघात के लिए धारा 316 तथा आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री प्रसारण से संबंधित आईटी अधिनियम की धारा 68(ई) भी जोड़ी गई है।

28-November-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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