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आईएनएस माहे भारतीय नौसेना में शामिल, पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता हुई मजबूत

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
भारतीय नौसेना ने सोमवार को आईएनएस माहे को अपने बेड़े में शामिल किया। माहे श्रेणी का पहला पनडुब्बी रोधी उथले पानी का जहाज होने के नाते इसकी तैनाती से नौसेना की तटीय युद्ध क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी जलावतरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे।कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित आईएनएस माहे स्वदेशी डिजाइन और निर्माण क्षमता का आधुनिक उदाहरण है। नौसेना के अनुसार यह जहाज आकार में छोटा लेकिन शक्तिशाली है, जिसमें चुस्ती, सटीकता और सहनशक्ति जैसी विशेषताएं हैं, जो तटीय क्षेत्रों में प्रभुत्व बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। जहाज को पनडुब्बियों का पता लगाने, तटीय गश्त करने और भारत के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है।आईएनएस माहे को ‘साइलेंट हंटर’ के रूप में परियोजित किया गया है। यह उथले पानी में लड़ने वाले स्वदेशी जहाजों की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। 80 प्रतिशत से अधिक देसी कंटेंट के साथ तैयार यह युद्धपोत भारत की बढ़ती आत्मनिर्भर क्षमता को दर्शाता है। मालाबार तट के ऐतिहासिक तटीय शहर माहे के नाम पर बने इस जहाज के क्रेस्ट पर कलारीपयट्टू की ‘उरुमी’ तलवार दर्शायी गई है।यह मल्टी-पर्पस जहाज एंटी-सबमरीन ऑपरेशन, तटीय रक्षा, पानी के नीचे निगरानी, खोज एवं बचाव मिशन और माइन बिछाने जैसे कार्यों के लिए सक्षम है। करीब 896 से 1100 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जहाज की लंबाई 78 मीटर है और 2.7 मीटर ड्राफ्ट इसे कम गहरे पानी में प्रभावी संचालन की क्षमता देता है। इसमें वॉटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जो इसे 25 नॉट की अधिकतम गति प्रदान करता है। 14 नॉट की क्रूज़िंग स्पीड पर यह जहाज 1,800 नॉटिकल मील की दूरी तय करने में सक्षम है। जहाज में दो आरएचआईबी बोट्स और कुल 57 क्रू मेंबरों की तैनाती है, जिनमें 7 ऑफिसर और 50 नाविक शामिल हैं।

24-November-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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