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आप ने विशेषाधिकार समिति की कार्रवाई को बताया अवैध और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार आठवीं विधानसभा की विशेषाधिकार समिति का राजनीतिकरण कर रही है और तथाकथित ‘फांसी घर’ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को नोटिस जारी कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।आप ने कहा कि विशेषाधिकार समिति द्वारा उद्धृत घटना अगस्त 2022 में सातवीं विधानसभा के कार्यकाल के दौरान हुई थी, जो फरवरी 2025 में भंग हो चुकी है। पार्टी का कहना है कि विधानसभा भंग होने के बाद उसके विशेषाधिकार और उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियाँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं, इसलिए आठवीं विधानसभा पिछले कार्यकाल से संबंधित किसी भी विशेषाधिकार कार्यवाही को न तो शुरू कर सकती है और न ही आगे बढ़ा सकती है।पार्टी ने अमरिंदर सिंह बनाम पंजाब विधानसभा (2010) के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान विशेषाधिकार कार्रवाई “कानूनी रूप से अस्थिर, प्रक्रियात्मक रूप से अस्थिर और पूरी तरह राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित” है। आप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिल्ली के गंभीर पर्यावरणीय संकट और चरमराती सार्वजनिक सेवाओं से ध्यान हटाने के लिए विधायी समितियों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।आप ने कहा कि जब दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और डॉक्टर परिवारों को सलाह दे रहे हैं कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के हित में शहर छोड़ने पर विचार करें, तब सरकार विशेषाधिकार समिति की विशेष बैठक बुलाने में व्यस्त है। पार्टी ने कहा कि पूर्व एम्स निदेशक ने चेताया है कि दिल्ली का ज़हरीला धुआँ अब कोविड-19 से भी अधिक मौतों का कारण बन रहा है और सूक्ष्म कण हृदयाघात, स्ट्रोक, मनोभ्रंश और बांझपन जैसे गंभीर जोखिम बढ़ा रहे हैं, जिनका असर बच्चों पर सबसे अधिक है। आप ने कहा कि प्रदूषण संकट पर कार्रवाई करने के बजाय भाजपा सरकार केवल आंकड़ों को दबाने और सुर्खियाँ बटोरने में लगी हुई है, जिससे दिल्ली की जनता के प्रति उसकी संवेदनहीनता उजागर होती है।

21-November-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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