राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन की समीक्षा के लिए सोमवार को बैठक आयोजित की। बैठक में पार्टी प्रमुख लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, जगदानंद सिंह और उदय नारायण सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने जनादेश पर अपने विचार रखे। बिहार चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया, जिनमें से 25 सीटें राजद को मिलीं, जबकि एनडीए गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें हासिल कीं।बैठक के बाद राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि न तो जनता और न ही राजनीतिक दल इस जनादेश को पचा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनादेश मशीनरी प्रबंधन का परिणाम है और दुनिया में किसी भी राजनीतिक दल के लिए 90 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम जनादेश नहीं, बल्कि मशीनों का खेल है।नवनिर्वाचित राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने ईवीएम के जरिए वोट चोरी होने का आरोप लगाते हुए मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ईवीएम में चोरी हुई है और इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी। उधर, राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह ने भी कहा कि ईवीएम का दुरुपयोग किया गया और यही एनडीए की भारी जीत की वजह बनी।
बिहार में एनडीए की जीत का श्रेय नीतीश कुमार की कल्याणकारी योजनाओं को दिया जा रहा है। एनडीए ने भाजपा की 89, जेडी(यू) की 85, एलजेपी (आरवी) की 19, हम (एस) की 5 और आरएलएम की 4 सीटों के साथ कुल 202 सीटें जीतीं। वहीं महागठबंधन में राजद को 25, कांग्रेस को 6, सीपीआई(एमएल)(एल) को 2, सीपीआई(एम) को 1, आईआईपी को 1 और एआईएमआईएम को 5 सीटें मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को सुशासन और विकास की जीत बताया है।