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एक पैर नहीं, पर जज़्बा पूरा - अजमेर के राजेश शर्मा ने रक्तदान कर बचाई महिला की जान

Editor : Omprakash Najwani - Mera Samaj Merabharat
अजमेर। कहते हैं “जिसमें हौसला होता है, वही असली हीरो होता है।” ऐसा ही मिसाल पेश किया है अजमेर के राजेश शर्मा ने। राजेश शर्मा, जिनका एक पैर नहीं है, फिर भी उन्होंने ज़रूरतमंद की जान बचाने के लिए जो किया, वो हर दिल को छू जाता है।किरड़ डेगाना निवासी मोनिका देवी दमामी की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल, अजमेर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने तुरंत A पॉज़िटिव ब्लड की मांग की। परिजनों ने हर जगह कोशिश की - लेकिन ब्लड डोनर नहीं मिला।इसी बीच, अजमेर के समाजसेवी पुनीत सोलंकी ने इमरजेंसी ब्लड ग्रुप अजमेर के संचालक लक सा जाजोता से संपर्क किया। जाजोता ने तुरंत व्हाट्सएप ग्रुप और फोन कॉल्स के जरिए डोनर की तलाश शुरू की।सुबह करीब 11 बजे, जब यह संदेश राजेश शर्मा तक पहुँचा, तो उन्होंने बिना देर किए कार्रवाई की - एक पैर से चलने वाले इस जांबाज़ ने कृत्रिम पैर लगाया, खुद अस्पताल पहुंचे और A पॉज़िटिव ब्लड डोनेट कर महिला की जान बचा ली।मानवता का यह कार्य पूरे शहर के लिए प्रेरणा बन गया है। राजेश शर्मा ने साबित कर दिया कि “जिसके भीतर सेवा की भावना हो, उसके आगे शारीरिक कमी भी सिर झुकाती है।”
07-November-2025 || Mera Samaj Merabharat
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