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‘वंदे मातरम्’ भारत की धड़कन, आज भी प्रासंगिक: प्रमोद सावंत

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की धड़कन है और यह देश की आजादी के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है तथा आज भी उतना ही प्रासंगिक है। सावंत ने कहा कि 150 वर्ष पुराने इस गीत में धर्मनिरपेक्षता का संदेश निहित है।मुख्यमंत्री सावंत ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की धड़कन था, जिसने देश की आज़ादी के लिए अनेक लोगों को अपने प्राण न्योछावर करने की प्रेरणा दी। यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक गीत था और इसकी हर पंक्ति प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आज भी जब हम इसे सुनते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।सावंत ने कहा कि यह गीत आज भी उतना ही प्रासंगिक है और इसमें धर्मनिरपेक्षता का संदेश समाहित है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग इस गीत को गाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस गीत से प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान दें।मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों के साथ पणजी स्थित कला अकादमी के सभागार में आयोजित समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान किया। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के वर्षभर चलने वाले समारोह का उद्घाटन किया और इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया। ‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में की थी और इसे 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ के हिस्से के रूप में साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में पहली बार प्रकाशित किया गया था।

07-November-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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