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इलाहाबाद हाईकोर्ट में हड़कंप: अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर एसपी को कोर्ट कक्ष से निकलने से रोका

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
इलाहाबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान बुधवार को फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को उस समय अदालत कक्ष से बाहर जाने से रोक दिया, जब अदालत को पता चला कि एसओजी ने स्थानीय अधिवक्ता अवधेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आदेश दिया कि मिश्रा को अदालत के समक्ष पेश किए जाने तक एसपी अदालत में ही रहें।इसके बाद अवधेश मिश्रा को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस अधीक्षक को जाने की अनुमति दी। यह मामला प्रीति यादव नाम की महिला द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से संबंधित है, जिस पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया।याचिका में आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता नंबर 2 और 3 को प्रतिवादियों ने 8 सितंबर की रात 9 बजे अवैध रूप से हिरासत में लिया और 14 सितंबर की रात 11 बजे रिहा किया। रिहाई के समय याचिकाकर्ता से जबरन एक पत्र लिखवाया गया कि याचिकाकर्ता 2 और 3 को हिरासत में नहीं लिया गया और वह अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर नहीं करेगी।इस याचिका को 12 सितंबर 2025 को दाखिल किया गया था। पुलिस अधिकारियों को इसके बारे में 14 सितंबर को तब जानकारी हुई जब अदालत ने उन्हें समन जारी किया। फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह मंगलवार को अदालत में मौजूद थीं और उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश देने की जानकारी अदालत को दी थी। हालांकि, सुनवाई के बाद एसओजी फर्रुखाबाद द्वारा अधिवक्ता अवधेश मिश्रा की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि मिश्रा को अदालत में पेश किए जाने तक वह अदालत कक्ष नहीं छोड़ें। बाद में मिश्रा को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद एसपी को जाने की अनुमति दी गई
16-October-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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