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छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला: केंद्र ने श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को कारण बताओ नोटिस जारी, छह राज्यों की 19 विनिर्माण इकाइयों में जोखिम-आधारित निरीक्षण का निर्देश

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में दूषित कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत के बाद केंद्र ने गंभीर कदम उठाते हुए निर्माता श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस तब जारी किया गया जब मध्य प्रदेश के औषधि नियामक ने तमिलनाडु के समकक्ष को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।केंद्र ने छह राज्यों की 19 विनिर्माण इकाइयों में “जोखिम-आधारित निरीक्षण” करने का निर्देश भी दिया है, ताकि कमियों की पहचान की जा सके और गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को मजबूत किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अगर तमिलनाडु के औषधि निरीक्षक नियमित निरीक्षण करते और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पर समय पर कार्रवाई होती, तो इस दुखद घटना को रोका जा सकता था।सीएजी ने 1 अगस्त, 2024 को तमिलनाडु सरकार को निष्पादन लेखा परीक्षा रिपोर्ट भेजी थी, जिसे 10 दिसंबर, 2024 को राज्य विधानसभा में पेश किया गया। इसमें 2016-2022 के औषधि निरीक्षणों और गुणवत्ता परीक्षण में लगातार चूक की ओर इशारा किया गया। निरीक्षकों ने निर्धारित औषधि निरीक्षणों का केवल 61% और गुणवत्ता परीक्षण के लिए आवश्यक नमूनों का लगभग 49% ही एकत्र किया। मध्य प्रदेश में हुई मौतों के मद्देनजर छिंदवाड़ा में कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर और तीन स्थानीय औषधि निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई औषधि नियामक तंत्र की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है और अब गुणवत्ता आश्वासन को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

10-October-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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