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मायावती का सपा पर तीखा प्रहार, कहा- ‘सत्ता में रहते दलितों की उपेक्षा, अब पीडीए के नाम पर वोट लुभाने की कोशिश’

Editor - Omprakash Najwani - Aagaj Ki Aawaj
लखनऊ, 10 अक्टूबर। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी पर सत्ता में रहते हुए दलितों की उपेक्षा करने और चुनावों के दौरान ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे के ज़रिए उनके वोट लुभाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह टिप्पणी गुरुवार को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक में आयोजित एक विशाल रैली में की।मायावती ने कहा कि सपा जब सत्ता में थी, तब उसने दलित समाज की कोई सुध नहीं ली, लेकिन अब चुनाव नज़दीक आने पर ‘पीडीए’ का नारा देकर दलितों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बसपा अपने मूल वोट आधार, विशेषकर जाटव समुदाय, को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।रैली में मायावती के इस बयान से साफ़ ज़ाहिर हुआ कि बसपा अब अपने पारंपरिक जनाधार को फिर से संगठित करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कांशीराम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बहुजन समाज को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए 1984 में बसपा की स्थापना की थी।बसपा ने 2007 के विधानसभा चुनाव में 30.43 प्रतिशत वोट के साथ 206 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। उस समय पार्टी ने जाटवों के साथ गैर-जाटव दलितों, मुसलमानों और सवर्णों को भी अपने साथ जोड़ा था। लेकिन 2012 में वोट शेयर घटकर 25.95 प्रतिशत रह गया और पार्टी को 80 सीटों पर सिमटना पड़ा।इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा को उत्तर प्रदेश में एक भी सीट नहीं मिली और उसका वोट शेयर घटकर 19.77 प्रतिशत रह गया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गैर-जाटव दलित मतदाता धीरे-धीरे भाजपा की ओर खिसक गए, जिससे बसपा का आधार कमजोर हुआ। कांशीराम स्मारक पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए बसपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांशीराम के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट होकर पार्टी को मज़बूत करें और दलित समाज के सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखें।

10-October-2025 || Aagaj Ki Aawaj
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