पटना। बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। जदयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि जनता पिछले 20 वर्षों में हुए विकास कार्यों और डबल इंजन सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर वोट देगी। उन्होंने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है और जनता ने डबल इंजन वाली सरकार को वोट देने का मन बना लिया है। राज्य के लोगों की सेवा करने का हमारा एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है।भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि आखिरकार इंतज़ार खत्म हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार को ढेरों तोहफ़े दे रहे हैं। पटना मेट्रो का उद्घाटन हो रहा है, कई योजनाओं की शुरुआत हुई है, राजगीर में विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बना है। हमने विकास करके दिखाया है... बिहार 'जंगल राज' से 'मेट्रो राज' में बदल गया है।वहीं कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने महागठबंधन की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि गठबंधन राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन पूरी तरह तैयार हैं और सभी महागठबंधन के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए तैयार हैं।चुनाव की तारीखों की संभावित घोषणा पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि विपक्ष स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी बस यही उम्मीद है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों, गरीब और वंचित तबके को वोट देने का अधिकार मिले।
चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है, जहाँ आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में चुनाव 22 नवंबर से पहले होंगे, जब राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 2 अनुसूचित जनजातियों के लिए और 38 अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं। कुमार ने कहा कि सुचारू मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होंगे।