|
आई लव मोहम्मद’ विवाद के बाद बरेली जा रहे समाजवादी पार्टी के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को गाज़ीपुर बॉर्डर पर रोक दिया। इस कार्रवाई को सपा नेताओं ने अघोषित आपातकाल और असंवैधानिक बताया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब बरेली में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दे रहा है।प्रतिनिधिमंडल में मोहिबुल्लाह नदवी, इकरा हसन और हरेंद्र सिंह मलिक शामिल थे। तस्वीरों में सपा सांसदों को पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए देखा गया। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने एएनआई से कहा कि हमें बरेली जाने से रोका जा रहा है। यह असंवैधानिक है। भाजपा सरकार पहले लोगों पर ज़बरदस्ती अत्याचार करती है और फिर उसे छुपाने की कोशिश करती है।सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि यह स्थिति अघोषित आपातकाल जैसी है। उन्होंने कहा कि हमारे दौरे का कोई एजेंडा नहीं है, फिर भी हमें रोका जा रहा है। हम प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि वह हमारे साथ चले। हम कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। पता नहीं यूपी सरकार अपनी कौन सी काली करतूत छुपाना चाहती है कि हमें बरेली नहीं जाने दे रही है।सपा सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि भाजपा नहीं, सरकार हमें रोक रही है। यह गलत है। वे आपातकाल लगाकर देश की जनता का गला घोंट रहे हैं। वे आतंकवाद नहीं रोक पा रहे, महंगाई नहीं रोक पा रहे और युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रहे हैं।
यह पूरी घटना बरेली में तनावपूर्ण माहौल के बीच हुई है, जहाँ 26 सितंबर को “आई लव मोहम्मद” पोस्टरों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।
|