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93वें वायुसेना दिवस समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भारतीय सशस्त्र बलों की एकता का परिणाम है और इसने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर किया। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढाँचों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए।एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया तेज़ और निर्णायक थी, जिसने यह संदेश दिया कि आतंकवादियों को कायराना हमले की भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इतिहास में भारत की सबसे लंबी मारक कार्रवाई के रूप में दर्ज होगी, जिसमें 300 किलोमीटर से भी ज़्यादा अंदर घुसकर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।उन्होंने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के कम से कम पाँच उच्च तकनीक वाले लड़ाकू विमान और एक अवाक्स को मार गिराया। इसके अलावा दुश्मन के 4-5 विमान, संभवतः F-16, ज़मीन पर क्षतिग्रस्त हुए। भारत ने चार रडार, दो कमांड सेंटर, एक हैंगर, एक C-130 श्रेणी का परिवहन विमान, तीन से चार लड़ाकू विमान और एक SAM सिस्टम भी नष्ट किया।एयर चीफ मार्शल ने बताया कि सीमा पार से चार दिनों की गोलीबारी के बाद 10 मई को शत्रुता समाप्त करने की सहमति बनी। उन्होंने कहा कि भारत उन्हें उस मुकाम तक पहुँचा सका जहाँ उन्हें युद्धविराम की माँग करनी पड़ी। भारत ने अपने उद्देश्य पूरे होने के बाद आक्रामक कार्रवाई रोक दी।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने वायु शक्ति की प्रासंगिकता को एक बार फिर साबित किया है। इस दौरान भारत ने लंबी दूरी की मिसाइलों और स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि युद्ध का स्वरूप लगातार बदल रहा है और भविष्य के लिए हमें तैयार रहना होगा।
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