भारत ने चक्रवात दित्वा प्रभावित श्रीलंका को दी त्वरित राहत, सागर बंधु ऑपरेशन के तहत 12 टन सहायता सामग्री भेजी
भारत ने चक्रवात दित्वा से बुरी तरह प्रभावित श्रीलंका के लिए अपनी मानवीय मदद को और तेज कर दिया है। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय वायु सेना का एक C-130J विमान शनिवार को लगभग 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुँचा। यह सहायता भारतीय नौसेना के जहाज विक्रांत और उदयगिरि द्वारा पहले भेजी गई खेपों के अतिरिक्त है, जिनमें 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताज़ा राशन और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी।
इसी बीच, चक्रवाती प्रभाव के चलते चेन्नई जाने वाली कई उड़ानें रद्द हो गईं, जिसके कारण दुबई से श्रीलंका होते हुए भारत लौटने वाले लगभग 150 तमिलों सहित करीब 300 यात्री पिछले तीन दिनों से कोलंबो के भंडारनायके अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन बाधित होने पर उन्हें भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गईं।
फंसे यात्रियों की परेशानी को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M.K. स्टालिन ने लोक विभाग के सचिव को कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भारतीय उच्चायोग से संपर्क कर श्रीलंका में फंसे तमिलों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और हवाई अड्डे पर प्रभावित यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारत श्रीलंका को तत्काल मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) उपलब्ध करा रहा है। उच्चायोग ने दोहराया कि भारत इस कठिन घड़ी में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है और पड़ोसी प्रथम नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चक्रवात दित्वा के कारण हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया था और कहा था कि भारत ने तत्काल राहत सामग्री और महत्वपूर्ण HADR सहायता भेजी है।