बिहार में हार के बाद प्रशांत किशोर ने ली पूरी ज़िम्मेदारी, कहा—गलतियाँ सुधारकर लौटेंगे मजबूत
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में पूरी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए राज्य की जनता से माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि वह सरकार बदलने में नाकाम रहे और जनता को अपना संदेश समझा नहीं पाए। इस आत्ममंथन के रूप में उन्होंने 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन व्रत रखने की घोषणा की।
प्रशांत किशोर ने कहा कि गहरा झटका मिला है, लेकिन गलतियाँ सुधारकर और अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने राजग को जनादेश दिया है और अब चुनाव में किए गए वादों को पूरा करना नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की जिम्मेदारी है। किशोर ने कहा कि वह बिहार की जनता को यह समझाने में असफल रहे कि उन्हें किस आधार पर वोट देना चाहिए और नई व्यवस्था क्यों जरूरी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी ने जाति-पांत, धर्म या धन के आधार पर राजनीति नहीं की और किसी प्रकार का अपराध नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता ने उन पर विश्वास नहीं किया, तो इसकी पूरी और शत-प्रतिशत जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने कहा कि प्रयासों, सोच और जनता तक बात पहुँचाने के तरीकों में कहीं न कहीं चूक हुई होगी।
पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, जिसे चुनाव में ‘एक्स फैक्टर’ माना जा रहा था, 238 सीटों पर लड़ने के बावजूद 243 सदस्यीय विधानसभा में एक भी सीट नहीं जीत पाई। अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत ज़ब्त हो गई। पार्टी का सर्वोत्तम प्रदर्शन नवीन कुमार सिंह उर्फ अभय सिंह का रहा, जो मढ़ौरा सीट से दूसरे स्थान पर रहे। यह सीट राजद के जितेंद्र कुमार राय ने 27928 वोटों से जीती।
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