चिराग पासवान ने कहा—बेटी का एक ही घर नहीं होता, लालू परिवार के विवाद पर जताई संवेदना
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के परिवार में बढ़ते विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने रोहिणी आचार्य द्वारा व्यक्त भावनात्मक पीड़ा को समझने की बात कही। पासवान ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वह लालू प्रसाद के परिवार को अपना परिवार मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार में तनाव होता है, तो उसकी बेचैनी को वह भलीभांति समझ सकते हैं।
पासवान ने कहा कि वह इस रूढ़िवादी सोच को नहीं मानते कि शादी के बाद बेटी का घर सिर्फ ससुराल होता है। उन्होंने कहा कि रोहिणी की बातों में जो दर्द दिखाई दिया, उसे वह महसूस कर सकते हैं और प्रार्थना करते हैं कि यह विवाद जल्द ही समाप्त हो जाए। पासवान ने कहा कि ऐसी स्थिति में टिप्पणी करना उचित नहीं, क्योंकि वह भी ऐसे दौर से गुजर चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी, तेज, मीसा और रोहिणी को अपना भाई-बहन मानते हुए कहा कि वह पूरे परिवार की एकता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उनका कहना था कि परिवार में एकता हो तो व्यक्ति बाहर की मुश्किल परिस्थितियों से भी लड़ सकता है।
रोहिणी आचार्य ने एक दिन पहले अपने सोशल मीडिया पोस्ट में खुद को बहिष्कृत किए जाने, गालियाँ दिए जाने और अपमानित किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा था कि एक बेटी, बहन, विवाहिता और माँ होने के बावजूद उन्हें मायका छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। रोहिणी के भावनात्मक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
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