नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोन्था’ एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और आज रात तक आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास भूस्खलन की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिणी ओडिशा के आठ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार, सोमवार सुबह चक्रवात मछलीपट्टनम से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से 340 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था। तूफान के आज शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट पार करने की उम्मीद है। तूफान के साथ 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा सरकार ने आठ जिलों—मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, नबरंगपुर, कालाहांडी और कंधमाल—में निचले इलाकों से लोगों को निकालने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए व्यापक अभियान शुरू किया है। राज्य में 1,400 से अधिक चक्रवात आश्रय स्थल खोले गए हैं, जहां भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
विशेष राहत आयुक्त डी. के. सिंह ने बताया कि सभी समुद्र तटों को सील कर दिया गया है और पर्यटकों को समुद्र के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने 30 अक्टूबर तक स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य शून्य हताहत होना है।” उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवा की 140 बचाव टीमें तैनात हैं और अब तक 32,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
आंध्र प्रदेश के चित्तूर, तिरुपति और काकीनाडा जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। नागरी निर्वाचन क्षेत्र में बाढ़ के चलते कई सड़कें कट गई हैं। प्रशासन ने कृष्णापुरम जलाशय से पानी छोड़ा है और पुलिस ने नदी किनारों तक पहुंचने पर रोक लगा दी है।
काकीनाडा में समुद्री लहरों के उफान से तटीय कटाव बढ़ गया है। उप्पाडा, मायापट्टनम और सुरदापेट से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना और मेदिनीपुर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु के उत्तरी जिलों चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और रानीपेट में सोमवार को भारी बारिश हुई। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
चक्रवात के कारण हवाई और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। विशाखापत्तनम और चेन्नई के बीच छह उड़ानें रद्द कर दी गईं। इंडिगो ने यात्रियों को उड़ान स्थिति की जांच करने की सलाह दी है। रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द की हैं और कुछ को मार्ग में ही रोक दिया गया है।
थाई भाषा में ‘मोन्था’ का अर्थ होता है ‘सुगंधित फूल’। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का असर अगले 48 घंटे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में जारी रहेगा।
