Trending News

सीएजी के पूर्व महानिदेशक पी. शेष कुमार का खुलासा—कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली बाधाएं मनमोहन सिंह सरकार के समय ऑडिट टीम को झेलनी पड़ी राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मुश्किलें

:: Editor - Omprakash Najwani :: 28-Oct-2025
:

नई दिल्ली। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) में पूर्व महानिदेशक रहे पी. शेष कुमार ने भारत के सार्वजनिक वित्त इतिहास के सबसे विवादास्पद अध्यायों में से एक—कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले—से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। कुमार ने बताया कि ऑडिट टीम को उस समय राजनीतिक हमलों, मीडिया ट्रायल और नौकरशाही बाधाओं के बीच जांच पूरी करनी पड़ी थी।

जे.जी.एस. एंटरप्राइजेज द्वारा प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘अनफोल्डेड: हाउ द ऑडिट ट्रेल हेराल्डेड फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी एंड इंटरनेशनल सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशन’ में कुमार ने विस्तार से बताया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन पर सीएजी रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम भी घसीटा गया था। उन्होंने कहा कि ऑडिटिंग अधिकारियों को कोयला मंत्रालय में काम करने के लिए “एक बदबूदार शौचालय के बगल में छोटा कमरा” दिया गया था, ताकि उन्हें हतोत्साहित किया जा सके।

कुमार ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि कोयला घोटाले के आवंटन पारदर्शी नहीं थे और सुप्रीम कोर्ट ने बाद में उन सभी को रद्द कर दिया। उन्होंने बताया कि कोयला मंत्रालय सरकार का हिस्सा था, लेकिन उसे रिकॉर्ड नहीं छिपाना चाहिए था। “स्क्रीनिंग कमेटी की 200 से ज़्यादा बैठकों में से हमें सिर्फ़ 2-3 बैठकों तक ही पहुँच मिली। देरी और असहयोग लगातार रहा, और सरकार शायद रिकॉर्ड छिपा रही थी,” कुमार ने कहा।

उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में सरकार सीएजी की रिपोर्ट से बेहद नाराज़ थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में रिपोर्ट के ख़िलाफ़ बयान दिया, जबकि शीर्ष मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएजी के निष्कर्षों को गलत ठहराया।

पुस्तक में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीएजी ने सरकार के उच्चतम स्तर से मिली तीखी प्रतिक्रियाओं के बावजूद असाधारण सार्वजनिक चुप्पी बनाए रखी। इसमें बताया गया है कि किस तरह गोपनीय स्क्रीनिंग कमेटी ने मूल्यवान कोयला क्षेत्रों का आवंटन किया और सीएजी के निष्कर्षों में बताए गए विवादास्पद 1.86 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आंकड़े ने देश को हिला दिया था।

कुमार ने यूपीए शासनकाल को याद करते हुए कहा कि रिपोर्ट तैयार करने के दौरान लगातार बाधाएं डाली गईं, कई फाइलें गायब हुईं और लीक की वजह से सुर्खियां बनीं। इसके बावजूद ऑडिट टीम ने सभी दबावों के बीच अपनी निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखी।


विज्ञापन

( Connecting with social media platform )
Facebook | Youtube   | Twitter
( पर फ़ॉलो भी कर सकते है )

Latest News


विज्ञापन